Asrani Death News : 84 की उम्र में गोवर्धन असरानी का दिवाली के दिन निधन

बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और शोले फ़िल्म के जेलर गोवर्धन असरानी का दिवाली के दिन निधन हो गया। गोवर्धन असरानी पिछले 5 दिनों से हॉस्पिटल में भर्ती थे।

image source :- Tv9 Bharatvarsh

शोले फ़िल्म के जेलर नहीं रहे

शोले फ़िल्म में जेलर का किरदार निभाने वाले पॉपुलर कॉमेडियन गोवर्धन असरानी का आज दोपहर 1 बजे के क़रीब उनका निधन हो गया। उनकी उम्र 84 वर्ष थी। असरानी के भतीजे ने उनके निधन की सूचना दी। दीवाली के दिन मतलब सोमवार 20 अगस्त 2025 को वो दुनिया को छोड़कर परलोक सिधार गए। कई दिनों से हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था लेकिन डॉक्टर उनको नहीं बचा सके। आज के दिन उन्होंने दम तोड़ दिया। आज परिवार और दुनिया भर के सारे फैन्स को रुलाकर इस दुनिया को अलविदा कह दिया।फेफड़ों में परेशानी के कारण आरोग्य निधि हॉस्पिटल में गोवर्धन असरानी पीछे पाँच दिनों से भर्ती थे। कॉमेडियन के मैनेजर बाबूभाई थीबा ने असरानी के मृत्यु की सूचना मीडिया को दी और बताया की वो कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे।

जन्म और डेब्यू फ़िल्म

गोवर्धन असरानी के निधन के बाद उनके फ़ैंस से लेकर बॉलीवुड के तमाम सितारे भी सदमे में चले गए हैं। असरानी ने अपने लंबे करियर में 100 से भी ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया है। असरानी का जन्म जयपुर में 1 जनवरी 1941 को हुआ था। उनकी पढ़ाई लिखाई जयपुर के सैंट जेवियर्स से हुई थी। इसके बाद राजस्थान के कॉलेज से ग्रेज्यूशन भी किया था। असरानी ने “ हरे काँच की चूड़ियाँ “ फ़िल्म से 1967 में फ़िल्म की जगमगाती दुनिया में अपना पहला कदम रखा था। इसके बाद उनको इतना पसंद किया गया कि फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

असरानी को हमेशा शोले फ़िल्म के मशहूर किरदार निभाने के लिए और इस फ़िल्म में उनका डायलॉग “ हम अंग्रेज़ों के जमाने के जेलर हैं “ बहुत ज़्यादा ही मशहूर हुआ और आज भी कई दसको बाद भी उनके फैन्स उस डायलॉग को दोहराते है। कोई भी ये डायलॉग सुनके आसानी से असरानी को पहचान जाएगा।

असरानी का पारवरिक जीवन

असरानी की शादी मंजू बंसल से 1973 में हुई थी। असरानी का एक बेटा है जिनका नाम नवीन आसरानी है। असरानी के बेटे ने पिता का राह ना चुनकर एक डॉक्टर बनना पसंद किया। बताया जाता है की नवीन असरानी एक डेंटिस्ट हैं। असरानी के पिता की ख़ुद की कारपेट के दुकान थी। असरानी के तीन भाई और चार बहनें थी। असरानी ने लंबे समय तक सिनेमा जगत में काम किए। इन्होंने फिल्मी दुनिया में 50 साल से भी ज़्यादा तक काम किया है। इनको एक बाद एक फ़िल्मों में काम मिलता चला गया।

अंतिम संस्कार आज शाम को हो गया

असरानी के निधन के बाद उनका क्रिया कर्म आज शाम को शांताक्रूज़ के शांतिनगर में स्थित समसान भूमि में कर दिया गया। दिवाली के दिन गोवर्धन असरानी सभी को रुलाता हुआ छोड़कर पंचत्वत् में हमेशा के लिए विलीन हो गए।

असरानी को लोग जेलर के नाम से जानते थे

आखरी इंटरव्यू में असरानी ने कहा था की लोग आज भी उन्हें जेलर के नाम से जानते थे। असरानी एक फ़िल्म की शूटिंग कोटा के पास एक गाँव में कर रहे थे तो असरानी को कौन नहीं जानता। असरानी को देखने के लिए गाँव वाले इकट्ठा हो गए। असरानी को देखने 4 साल की छोटी बच्ची भी आई हुई थी। प्रोडूसर ने असरानी को बताया की छोटी बच्ची और उसकी माँ असरानी से मिलना चाहते हैं। असरानी ने इंटरव्यू में बताया की मुझे लगा था चार साल की छोटी बच्ची मुझे क्या पहचानेगी। लेकिन वो बच्ची असरानी को देखते हुए बोलती है की ये असरानी जेलर है। आगे उन्होंने कहा की मुझे लगता है की यह एक किरदार की जीत है।

गोवर्धन असरानी की 400 से ज़्यादा फ़िल्में

असरानी ने फ़िल्मों के ज़रिए कॉमेडी की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान स्थापित किया। असरानी ने अपने 50 साल के कैरियर में 400 से भी अधिक फ़िल्मों में काम किया। उनके फ़िल्मों की लिस्ट बहुत लंबी है चुपके चुपके , बावर्ची, भूल भुलैया, छोटी सी बात, खट्टा मीठा, इसके अलावा शोले में इनके जेलर के किरदार को काफ़ी पसंद किया गया था। गोवर्धन असरानी भले ही आज इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन वे अपने किरदारों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे।

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